इंडस्ट्री में मैग्नेट कहाँ इस्तेमाल होते हैं?

फ़ैक्ट्री में मैग्नेट चार मुख्य काम करते हैं। वे प्रोडक्ट से लोहा निकालते हैं। काम के दौरान पार्ट को स्थिर पकड़ते हैं। स्टील उठाते हैं। और सफ़ाई करते हैं।

यह गाइड हर काम को सीधे शब्दों में समझाती है और बताती है कि उसके लिए कौन-सा मैग्नेट इस्तेमाल होता है।

प्रोडक्ट से लोहा निकालना

कच्चा माल फ़ैक्ट्री तक आते-आते लोहा उठा लेता है। स्क्रू, तार, ज़ंग के पपड़े, घिसाई के कण और टूटी मशीनरी के टुकड़े, सब बहाव में आ जाते हैं। मैग्नेटिक सेपरेटर यह लोहा किसी मशीन को नुकसान पहुँचाने या ग्राहक तक पहुँचने से पहले खींच लेता है।

मैग्नेट प्रोडक्ट के चलने के तरीक़े के हिसाब से चुना जाता है:

  • ग्रिड और ग्रेट हॉपर में या सीव के ऊपर लगते हैं। सूखे पाउडर और दाने रॉड के बीच से गिरते हैं।
  • ड्रॉअर हाउसिंग पाइप या शूट में लगती हैं। प्रोडक्ट रॉड की दो या ज़्यादा क़तारों के ऊपर से गुज़रता है, और सफ़ाई के लिए ड्रॉअर बाहर खिंच जाते हैं।
  • लिक्विड ट्रैप पाइपलाइन में लगते हैं। लिक्विड, ऑयल और स्लरी बंद हाउसिंग के अंदर रॉड के गुच्छे के ऊपर से गुज़रते हैं।
  • प्लेट मैग्नेट बेल्ट के ऊपर या शूट के अंदर लगते हैं। वे प्रोडक्ट की गहरी बेड से लोहे के बड़े टुकड़े इकट्ठा करते हैं।
  • शूट मैग्नेट ढलान वाली डक्ट में लगी कब्ज़ेदार प्लेट होते हैं।

ये सेपरेटर परमानेंट मैग्नेट इस्तेमाल करते हैं। इन्हें बिजली नहीं चाहिए, और सफ़ाई के सिवा कोई मेंटेनेंस नहीं।

काम के दौरान पार्ट पकड़ना

मैग्नेटिक चक ग्राइंडिंग मशीन या लेथ पर स्टील जॉब को सपाट पकड़कर रखता है। ऑपरेटर लीवर घुमाता है और पार्ट टेबल से लॉक हो जाता है। व्हील के रास्ते में कोई क्लैंप नहीं आता, इसलिए पूरी सतह एक ही पास में ग्राइंड हो जाती है।

सरफ़ेस ग्राइंडर पर रेक्टैंगुलर चक लगते हैं। रोटरी ग्राइंडर और लेथ पर सर्कुलर चक लगते हैं। ग्राइंडिंग के बाद पार्ट में थोड़ा मैग्नेटिज़्म रह जाता है। टेबल टॉप डीमैग्नेटाइज़र उसे कुछ सेकंड में निकाल देता है।

छोटे पॉट मैग्नेट और पावर मैग्नेट यही काम छोटे पैमाने पर करते हैं। वे जिग, गार्ड, सेंसर और फ़िक्सचर को अपनी जगह पकड़े रखते हैं, और बिना टूल के हटाए जा सकते हैं।

स्टील उठाना

परमानेंट मैग्नेटिक लिफ़्टर बिना चेन या स्लिंग के स्टील प्लेट, ब्लॉक या गोल बार उठा लेता है। ऑपरेटर लिफ़्टर को लोड पर रखता है, हैंडल घुमाकर उसे ऑन करता है, और बाक़ी काम क्रेन करती है। एक आदमी भारी प्लेट को सेकंडों में हटा सकता है, और लोड को स्टैक पर ऐसे रखा जा सकता है कि किसी को उसके नीचे हाथ न डालना पड़े।

लिफ़्टर की रेटिंग उस फ़्लैट लोड से होती है जो वे पकड़ते हैं। SMAG Maxx रेंज 100 kg से 6,000 kg तक की है।

सफ़ाई करना

मैग्नेटिक स्वीपर मैग्नेट की एक बार होती है जो पहियों पर या हैंडल पर लगी रहती है। उसे फ़र्श, यार्ड या पार्किंग पर घुमाया जाता है और वह कील, स्क्रू, बुरादा और तार उठा लेता है। रिलीज़ लीवर लोड को बिन में गिरा देता है। स्वीपर टायर और पैरों को बचाते हैं, और हाथ से उठाने में लगने वाला समय बचाते हैं।

SMAG का मैग्नेटिक स्वीपर फ़र्श से बुरादा, कील और स्क्रू उठाता है।
SMAG का मैग्नेटिक स्वीपर फ़र्श से बुरादा, कील और स्क्रू उठाता है।

हाथ में पकड़े जाने वाले मैग्नेटिक रॉड छोटी जगह में यही काम करते हैं। प्रोडक्ट के सैंपल में लोहा जाँचने के लिए भी इनका इस्तेमाल होता है।

मैग्नेट नापना

गॉस मीटर मैग्नेट की सतह पर उसकी स्ट्रेंथ नापता है। इससे जाँचा जाता है कि सेपरेटर अब भी अपने सर्टिफ़िकेट के अनुसार है या नहीं, और एक मैग्नेट की दूसरे से तुलना की जाती है। हर SMAG सेपरेटर के साथ टेस्टेड सर्टिफ़िकेट दिया जाता है, और उससे मिलाने का टूल गॉस मीटर है।

गॉस मीटर मैग्नेट की स्ट्रेंथ नापता है।
गॉस मीटर मैग्नेट की स्ट्रेंथ नापता है।

SMAG रेंज

Santosh Magnetic Works 1978 से मुंबई में मैग्नेट और मैग्नेटिक इक्विपमेंट बना रहा है। स्टॉक मैग्नेट और टूल्स, सेपरेशन रेंज, लिफ़्टर और वर्कहोल्डिंग रेंज देखें, या संपर्क करें और अपना काम बताएँ।