फ़ूड प्रोसेसिंग में मेटल कंटैमिनेशन कैसे कम करें

खाने में मेटल एक गंभीर ख़तरा है। एक टुकड़ा भी ग्राहक को चोट पहुँचा सकता है, रिकॉल करवा सकता है और सालों तक ब्रांड को नुकसान दे सकता है। इसमें से ज़्यादातर मेटल लोहा या स्टील होता है, और ज़्यादातर को मैग्नेट से निकाला जा सकता है।

यह गाइड जोखिम घटाने के व्यावहारिक क़दम बताती है।

मेटल आता कहाँ से है

फ़ूड लाइन में मेटल तीन तरह से आता है।

यह कच्चे माल के साथ आता है। अनाज, चीनी, आटा, नमक, मसाले, कोको और सूखे मेवे खेतों, मिलों और गोदामों से आते हैं। रास्ते में उनमें कील, तार, स्टेपल, ज़ंग और टूटे उपकरणों के टुकड़े मिल जाते हैं।

लाइन ख़ुद इसे बनाती है। हर चलने वाला पार्ट घिसता है। मिल के ब्लेड, सीव की जाली, मिक्सर के पैडल, पंप के रोटर, कन्वेयर की चेन और बेयरिंग चलते-चलते कण छोड़ते हैं। स्टेनलेस स्टील के उपकरण स्टेनलेस के कण छोड़ते हैं।

लोग इसे लाते हैं। मेंटेनेंस के बाद गिरी फ़िक्सिंग, टूटा ब्लेड, मरम्मत का बुरादा, पेपरक्लिप या पेन की स्प्रिंग।

इसकी लागत

फ़ूड इंडस्ट्री में रिकॉल का ख़र्च प्रोडक्ट की क़ीमत से कहीं ज़्यादा होता है। प्रोडक्ट को ढूँढने और वापस मँगाने का ख़र्च होता है, बिक्री का नुकसान होता है, क़ानूनी जोखिम रहता है और रिटेलर व उपभोक्ताओं का भरोसा घटता है। दुनिया भर में रिकॉल के सबसे आम कारणों में मेटल भी एक है।

रिटेलर ऑडिट मेटल कंट्रोल को बुनियादी ज़रूरत मानते हैं। जिस लाइन पर मैग्नेटिक सुरक्षा नहीं है, या जहाँ सेपरेटर की कभी जाँच नहीं होती, वह फ़ेल हो जाएगी।

स्टेप 1: इनटेक की सुरक्षा करें

जहाँ कच्चा माल प्लांट में आता है, वहाँ मैग्नेटिक सेपरेटर लगाएँ। इनटेक हॉपर में ग्रेट मैग्नेट, या पहले कन्वेयर के ऊपर प्लेट मैग्नेट, बड़ा ट्रैम्प आयरन निकाल देता है। इससे प्रोडक्ट के साथ-साथ आपकी अपनी मिल और सीव भी नुकसान से बचती हैं।

स्टेप 2: लाइन जो बनाती है उसे पकड़ें

जिस भी स्टेज से मेटल झड़ सकता है, उसके बाद सेपरेटर लगाएँ। मिल या सीव के बाद ग्रिड या ड्रॉअर हाउसिंग घिसाई के कणों को आगे जाने से पहले पकड़ लेती है। लिक्विड लाइन में पंप के बाद लगा मैग्नेटिक ट्रैप यही काम करता है।

लाइन से बने कण छोटे होते हैं। स्टैंडर्ड स्ट्रेंथ के मैग्नेट इनमें से कई को छोड़ देते हैं। इन जगहों पर 9,500 गॉस और उससे ऊपर के हाई स्ट्रेंथ रॉड इस्तेमाल करें।

स्टेप 3: तैयार प्रोडक्ट की जाँच करें

पैकिंग से पहले का आख़िरी सेपरेटर सबसे अहम होता है। जो कुछ उससे निकल गया, वह ग्राहक तक जाता है। यहाँ व्यावहारिक रूप से सबसे ज़्यादा स्ट्रेंथ इस्तेमाल करें, और मैग्नेट वहाँ रखें जहाँ प्रोडक्ट का बहाव पतला और धीमा हो, ताकि हर कण रॉड के पास से गुज़रे।

बोरियों और डिब्बों की स्पॉट जाँच के लिए SMAG का मैग्नेटिक सैंपलिंग प्रोब।
बोरियों और डिब्बों की स्पॉट जाँच के लिए SMAG का मैग्नेटिक सैंपलिंग प्रोब।

मैग्नेट लोहा, स्टील और वर्क हार्डन्ड स्टेनलेस स्टील को पकड़ता है। एल्युमिनियम, कॉपर और पीतल को वह छोड़ देता है। इन मेटल का ख़तरा हो तो आख़िरी मैग्नेट के बाद मेटल डिटेक्टर जोड़ें।

स्टेप 4: मैग्नेट साफ़ करें और जाँचें

सेपरेटर तभी काम करता है जब वह साफ़ और दमदार हो।

  • तय समय पर सफ़ाई करें। ईज़ी क्लीन डिज़ाइन में ऑपरेटर जमा हुआ लोहा बिना टूल के एक मिनट में उतार लेता है।
  • जो मिलता है उसे लिखें। अचानक बढ़ोतरी का मतलब है कि आगे कोई पार्ट ख़राब हो रहा है।
  • साल में एक बार गॉस मीटर से स्ट्रेंथ नापें और यूनिट के साथ मिले सर्टिफ़िकेट से मिलाएँ।
  • जो रॉड पिचके हों, फटे हों या लीक कर रहे हों, उन्हें बदल दें।

स्टेप 5: मेंटेनेंस के काम पर नज़र रखें

मेटल के ज़्यादातर बड़े टुकड़े मेंटेनेंस से आते हैं। टूल और फ़िक्सिंग गिनकर बाहर ले जाएँ और गिनकर वापस लाएँ। रीस्टार्ट से पहले हैंड मैग्नेट से जगह साफ़ करें। आसपास कोई काम हुआ हो तो सीव की जाली जाँचें।

सही सेपरेटर चुनना

प्रोडक्टआम तौर पर लगने वाला सेपरेटर
हॉपर में बहने वाला पाउडर या दानेग्रेट या ग्रिड मैग्नेट
बंद पाइप या न्यूमैटिक लाइन में पाउडरहाउस्ड ड्रॉअर या बुलेट सेपरेटर
सीव के ऊपर प्रोडक्टसीव के लिए मैग्नेटिक ग्रिड
पाइपलाइन में लिक्विड, सिरप, ऑयल या स्लरीमैग्नेटिक लिक्विड ट्रैप
बेल्ट पर या शूट में गहरी बेडप्लेट या शूट मैग्नेट

SMAG रेंज

Santosh Magnetic Works इनमें से हर सेपरेटर 304 स्टेनलेस स्टील में 13,500 गॉस तक के नियोडिमियम रॉड के साथ बनाता है, और हर यूनिट के साथ मैग्नेटिक स्ट्रेंथ का टेस्टेड सर्टिफ़िकेट देता है। सीव के लिए मैग्नेटिक ग्रिड और पूरी सेपरेशन रेंज देखें, या अपनी लाइन पर बात करने के लिए संपर्क करें।