मैग्नेटिक सेपरेशन की गाइड

प्रोडक्ट लाइन में लोहा कई तरह से आता है। यह कच्चे माल के साथ आता है। यह मिल, स्क्रू और मिक्सर से घिसकर निकलता है। यह मेंटेनेंस के दौरान गिर जाता है। मैग्नेटिक सेपरेटर इस लोहे को प्रोडक्ट से बाहर खींच लेता है, इससे पहले कि यह मशीन ख़राब करे या ग्राहक तक पहुँचे।

मैग्नेटिक सेपरेटर क्या है?

मैग्नेटिक सेपरेटर प्रोडक्ट के रास्ते में लगाया गया मैग्नेट है। यह लोहा और स्टील पकड़ लेता है, और साफ़ प्रोडक्ट प्रोसेस में आगे बढ़ जाता है। यह पाउडर, दाने, पेलेट, फ़्लेक्स, लिक्विड, पेस्ट और स्लरी, सब पर काम करता है।

सेपरेटर में न बिजली की सप्लाई होती है, न मैग्नेट में कोई चलने वाला पार्ट। जमा हुआ लोहा तब तक मैग्नेट पर रहता है जब तक ऑपरेटर उसे साफ़ न कर दे।

यह काम कैसे करता है?

प्रोडक्ट मैग्नेट के पास से गुज़रता है। वह ग्रैविटी से गिर सकता है, पंप किया जा सकता है, पाइप में हवा से भेजा जा सकता है या कन्वेयर पर जा सकता है। रास्ते में वह किसी रॉड, ग्रिड, ग्रेट या प्लेट के बीच से या ऊपर से गुज़रता है।

पाउडर या दाने अंदर मैग्नेटिक रॉड का ग्रिड रॉड पर पकड़ा लोहा साफ़ प्रोडक्ट बाहर
हॉपर में मैग्नेटिक रॉड का ग्रिड। प्रोडक्ट रॉड के बीच से गिरता है और लोहा उन पर रह जाता है।

मैग्नेटिक फ़ील्ड लोहे के कणों को मैग्नेट की सतह या रॉड की सतह पर खींच लेता है। वे वहीं रहते हैं। हर सफ़ाई पर ऑपरेटर मैग्नेट निकालता है या हाउसिंग खोलता है और लोहा पोंछ देता है।

कौन-कौन से टाइप हैं?

सेपरेटर दो ग्रुप में आते हैं।

कन्वेयर और शूट के लिए SMAG का डीप फ़ील्ड मैग्नेटिक प्लेट सेपरेटर।
कन्वेयर और शूट के लिए SMAG का डीप फ़ील्ड मैग्नेटिक प्लेट सेपरेटर।

प्राइमरी सेपरेटर बड़ा ट्रैम्प आयरन निकालते हैं, जैसे कील, बोल्ट, नट, तार और टूल के टुकड़े। इनका मुख्य काम मशीनों को बचाना है। ये इनटेक पॉइंट पर और पेलेट या फ़्लेक्स जैसा मोटा मटीरियल ले जाने वाली लाइनों पर लगते हैं। यहाँ आम तौर पर प्लेट मैग्नेट चुने जाते हैं। ये कन्वेयर के ऊपर, शूट के फ़र्श में या हिंज वाले शूट डोर पर लगते हैं।

सेकेंडरी सेपरेटर बारीक लोहा निकालते हैं, जैसे प्रोसेस मशीनरी से घिसाई के कण। इनका मुख्य काम प्रोडक्ट को बचाना है। ये प्रोसेस के बीच में या आख़िर में लगते हैं। यहाँ आम तौर पर रॉड, ग्रिड, ड्रॉअर हाउसिंग और लिक्विड ट्रैप चुने जाते हैं। बंद ग्रैविटी लाइन के लिए सील्ड हाउसिंग में ग्रिड ठीक है। पंप वाली पाइपलाइन के लिए लिक्विड ट्रैप ठीक है।

कई लाइनों में दोनों लगते हैं। इनटेक पर प्लेट मैग्नेट बड़े टुकड़े निकाल लेता है, जो वरना ग्रिड के रॉड के बीच अटक सकते हैं या उन्हें नुक़सान पहुँचा सकते हैं। आगे लगा ग्रिड या हाउसिंग बारीक कण निकालता है।

सेपरेटर कहाँ लगाए जा सकते हैं?

आम जगहें हैं:

  • इनटेक हॉपर और साइलो आउटलेट
  • सीव से पहले और बाद में
  • मिक्सर और मिल के ऊपर और नीचे
  • बल्क टैंकर डिस्चार्ज और बोरी खाली करने के स्टेशन
  • ग्रैविटी शूट और ट्रांसफ़र कन्वेयर
  • न्यूमैटिक और वैक्यूम लाइन
  • पैकिंग से ठीक पहले

इनटेक पर लगा मैग्नेट जाँचता है कि क्या आ रहा है। प्रोसेस के बीच लगा मैग्नेट प्लांट की घिसाई पकड़ता है। पैकिंग से पहले लगा मैग्नेट तैयार प्रोडक्ट को बचाता है। HACCP कंट्रोल पॉइंट वाला प्लांट आम तौर पर हर पॉइंट पर एक सेपरेटर लगाता है।

क्या मैग्नेट का टाइप मायने रखता है?

हाँ। नियोडिमियम मैग्नेट, जिन्हें रेयर अर्थ मैग्नेट भी कहते हैं, सबसे ताक़तवर मटीरियल हैं। ये बहुत बारीक लोहे के कण पकड़ते हैं। ये फ़ूड, फ़ार्मा, प्लास्टिक और केमिकल लाइनों के लिए ठीक हैं, जहाँ बारीक कण ही मुख्य ख़तरा हैं। रेयर अर्थ रॉड को 100 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहना चाहिए।

फ़ेराइट मैग्नेट कमज़ोर होते हैं। ये सस्ते होते हैं और इनका फ़ील्ड ज़्यादा दूर तक जाता है, इसलिए ये मोटे ट्रैम्प आयरन और कन्वेयर पर प्रोडक्ट की मोटी परत के लिए ठीक हैं।

SMAG नियोडिमियम रॉड चार स्ट्रेंथ में आते हैं:

ग्रेडसरफ़ेस स्ट्रेंथ
स्टैंडर्ड7,000 से 8,000 गॉस
हाई9,000 गॉस तक
सुपर हाई11,000 गॉस तक
एक्सट्रीम हाई13,500 गॉस तक

Ferrite और Ferrearth रॉड मोटे लोहे के लिए कम क़ीमत में बनाए जाते हैं।

मैग्नेट की स्ट्रेंथ कैसे जाँची जाती है?

स्ट्रेंथ गॉस में बताई जाती है। बड़ा आँकड़ा यानी ज़्यादा ताक़तवर फ़ील्ड। सेपरेटर में मैग्नेट स्टेनलेस ट्यूब या कवर के अंदर होता है, इसलिए काम का आँकड़ा वह है जो उस ट्यूब या कवर के बाहर नापा गया हो। सेपरेटर की तुलना करते समय यही आँकड़ा माँगें।

सालों के इस्तेमाल, गर्मी या चोट से मैग्नेट कमज़ोर हो सकते हैं। गॉस मीटर सरफ़ेस स्ट्रेंथ पढ़ता है, ताकि उसे ओरिजिनल सर्टिफ़िकेट से मिलाया जा सके।

क्या मैग्नेट स्टेनलेस स्टील पकड़ सकता है?

बहुत सा प्रोसेस इक्विपमेंट 304 या 316 स्टेनलेस स्टील से बनता है। इन ग्रेड के ठोस टुकड़े सिर्फ़ हल्के मैग्नेटिक होते हैं। जिस स्टेनलेस स्टील पर काम हुआ हो, जो काटा गया हो या घिसा हो, वह ज़्यादा मैग्नेटिक हो जाता है। ऐसे बारीक घिसाई के कण हाई स्ट्रेंथ नियोडिमियम रॉड पकड़ सकते हैं। एक्सट्रीम हाई स्ट्रेंथ रॉड इसी काम के लिए बने हैं।

एल्युमिनियम, कॉपर और पीतल मैग्नेटिक नहीं होते। मैग्नेट इन्हें नहीं पकड़ सकता। कई प्लांट इन मेटल की अलग जाँच के लिए आख़िरी मैग्नेट के बाद मेटल डिटेक्टर भी चलाते हैं।

सेपरेटर को चालू हालत में रखना

  • मैग्नेट को तय शेड्यूल पर साफ़ करें। ज़्यादा भरा हुआ मैग्नेट कम पकड़ता है।
  • हर सफ़ाई पर जो मिले, उसका रिकॉर्ड रखें। लोहा अचानक बढ़े तो इसका मतलब है पीछे कहीं घिसाई हो रही है।
  • साल में एक बार गॉस मीटर से सरफ़ेस स्ट्रेंथ जाँचें।
  • ट्यूब और कवर में गड्ढे और दरारें देखें।

SMAG रेंज

Santosh Magnetic Works मुंबई की अपनी फ़ैक्ट्री में ग्रिड, हाउस्ड ग्रिड, ड्रॉअर हाउसिंग, लिक्विड ट्रैप, प्लेट मैग्नेट, शूट मैग्नेट और सेपरेटर रॉड बनाता है। हर यूनिट मैग्नेटिक स्ट्रेंथ के टेस्टेड सर्टिफ़िकेट के साथ जाती है। सेपरेशन रेंज देखें या अपने प्रोडक्ट, फ़्लो रेट और उपलब्ध जगह की जानकारी के साथ संपर्क करें।