मैग्नेटिक चक कैसे चुनें

मैग्नेटिक चक मशीन टेबल पर स्टील के जॉब को पकड़ता है। सही चक पार्ट को मज़बूती से पकड़ता है, व्हील को खुली पहुँच देता है, और सालों चलता है। ग़लत चक में पतले पार्ट उठ जाते हैं या जॉब बुरादे से ढका रह जाता है।

ऑर्डर देने से पहले इन पाँच सवालों के जवाब तय कर लें।

1. मशीन टेबल का आकार क्या है?

रेक्टेंगुलर चक सरफ़ेस ग्राइंडर और मिलिंग मशीन पर लगते हैं। जॉब सपाट रखा रहता है और व्हील उसके ऊपर आगे-पीछे चलता है।

सरफ़ेस ग्राइंडर के लिए SMAG का रेक्टेंगुलर परमानेंट मैग्नेटिक चक।
सरफ़ेस ग्राइंडर के लिए SMAG का रेक्टेंगुलर परमानेंट मैग्नेटिक चक।

सर्कुलर चक रोटरी ग्राइंडर और लेथ पर लगते हैं। पोल रिंग में या रेडियल लाइनों में होते हैं, ताकि गोल पार्ट घूमते समय बराबर पकड़ा रहे। SMAG 600 mm डायमीटर तक के सर्कुलर चक बनाता है।

चक को टेबल के हिसाब से चुनें। जो चक टेबल से बाहर निकला हो, उसे सुरक्षित तरीक़े से क्लैंप नहीं किया जा सकता।

2. जॉब कितना बड़ा है?

चक आपके सबसे बड़े ग्राइंड होने वाले पार्ट से थोड़ा बड़ा होना चाहिए। जो पार्ट चक से बाहर निकला हो, वह सिर्फ़ उतने हिस्से पर पकड़ा जाता है जितना चक को छूता है, और व्हील के नीचे पलट सकता है।

छोटे पार्ट की समस्या उल्टी है। छोटे पार्ट को कम से कम दो पोल पर आना चाहिए, एक नॉर्थ और एक साउथ, वरना मैग्नेटिक सर्किट पूरा नहीं होता और पार्ट कमज़ोर पकड़ा जाता है।

3. कौन सी पोल पिच?

पोल पिच टॉप प्लेट पर पोल के बीच की दूरी है।

स्टैंडर्ड पिच छोटा पार्ट एक पोल पर है। फ़ील्ड को पूरा होने की जगह नहीं, इसलिए पकड़ कमज़ोर। फ़ाइन पिच वही पार्ट कई पोल पर फैला है। फ़ील्ड उससे होकर पूरा होता है और मज़बूत पकड़ देता है। जॉब पोल
मज़बूत पकड़ के लिए छोटे पार्ट को एक से ज़्यादा पोल पर आना चाहिए।

स्टैंडर्ड पिच मीडियम और बड़े पार्ट के लिए ठीक है। फ़ील्ड जॉब में गहराई तक जाता है और मज़बूत पकड़ देता है।

फ़ाइन या क्लोज़ पिच छोटे और पतले पार्ट के लिए ठीक है। पोल पास-पास होते हैं, इसलिए छोटा पार्ट हमेशा कई पोल पर आता है। फ़ील्ड कम गहरा होता है, जिसका मतलब यह भी है कि ग्राइंडिंग के बाद पतले पार्ट में कम मैग्नेटिज़्म बचता है।

अगर आप दोनों तरह के पार्ट ग्राइंड करते हैं, तो फ़ाइन पिच चुनें। यह छोटे पार्ट अच्छी तरह पकड़ता है और बड़े पार्ट भी ठीक-ठाक पकड़ता है।

4. परमानेंट या इलेक्ट्रोमैग्नेटिक?

परमानेंट मैग्नेटिक चक में बॉडी के अंदर नियोडिमियम मैग्नेट होते हैं। इन्हें न बिजली चाहिए, न वायरिंग। ऑपरेटर लीवर घुमाकर पकड़ ऑन और ऑफ़ करता है। बिजली जाने पर ये फ़ेल नहीं होते, और इनमें गर्मी नहीं बनती। SMAG चक में N35 ग्रेड नियोडिमियम लगता है।

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक चक में कॉइल होती हैं। ये बहुत बड़े बन सकते हैं, और इनकी होल्डिंग फ़ोर्स कम-ज़्यादा की जा सकती है। इन्हें बिजली की सप्लाई और कंट्रोलर चाहिए, और लंबे रन में ये गरम हो जाते हैं। मल्टीकॉइल वर्ज़न ग्राहक के साइज़ के अनुसार बनाए जाते हैं।

ज़्यादातर ग्राइंडिंग शॉप के लिए परमानेंट चक आसान पसंद है। बहुत बड़ी प्लेट के लिए, या जहाँ होल्डिंग फ़ोर्स बदलनी पड़े, वहाँ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक चुनें।

5. आप डीमैग्नेटाइज़ कैसे करेंगे?

चक से उतरने के बाद भी स्टील के पार्ट में कुछ मैग्नेटिज़्म बचा रहता है। फिर वह बुरादा खींचता है, गेज से चिपकता है और आगे की मशीनिंग बिगाड़ सकता है। टेबल टॉप डीमैग्नेटाइज़र कुछ ही सेकंड में बचा हुआ मैग्नेटिज़्म हटा देता है। SMAG Maxx-Demag बेंच यूनिट में 150 x 100 mm की प्लेट है और यह 230 V सिंगल फ़ेज़ सप्लाई पर चलती है। बड़े सरफ़ेस डीमैग्नेटाइज़र ऑर्डर पर बनाए जाते हैं।

SMAG Maxx-Demag टेबल टॉप डीमैग्नेटाइज़र।
SMAG Maxx-Demag टेबल टॉप डीमैग्नेटाइज़र।

चक की देखभाल

  • हर जॉब से पहले टॉप प्लेट साफ़ और बुरादे से मुक्त रखें।
  • ज़ंग से बचाने के लिए शिफ़्ट के आख़िर में प्लेट को हल्के ऑयल से पोंछें।
  • टॉप प्लेट घिस जाए तो उसे दोबारा ग्राइंड करें। मोटी, पूरी मेटल की टॉप प्लेट कई बार ग्राइंड की जा सकती है।
  • चक पर चोट न मारें। टॉप प्लेट में दरार से कूलेंट मैग्नेट तक पहुँच जाता है।

SMAG रेंज

Santosh Magnetic Works प्रीमियर और यूनिवर्सल रेंज में रेक्टेंगुलर और सर्कुलर परमानेंट मैग्नेटिक चक, ऑर्डर पर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक चक, और Maxx-Demag टेबल टॉप डीमैग्नेटाइज़र बनाता है। वर्कहोल्डिंग रेंज देखें या अपनी टेबल के साइज़ और पार्ट के साइज़ के साथ संपर्क करें।