मेटल के लिए HACCP और क्रिटिकल कंट्रोल पॉइंट

HACCP एक फ़ूड सेफ़्टी सिस्टम है। इसका पूरा नाम है Hazard Analysis and Critical Control Points। इसका विचार सीधा है। वे जगहें ढूँढें जहाँ से कोई ख़तरा खाने में आ सकता है। हर जगह पर एक कंट्रोल लगाएँ। कंट्रोल को जाँचें, और नतीजा लिखकर रखें।

खाने में मेटल सबसे आम फ़िज़िकल ख़तरों में से एक है। यह गाइड बताती है कि HACCP के तहत मैग्नेटिक सेपरेशन से इसे कैसे संभालें।

स्टेप 1: पता करें कि मेटल कहाँ से आ सकता है

पूरी लाइन पर चलकर देखें, इनटेक से शुरू करके पैकिंग तक। हर स्टेज पर देखें कि लोहा या स्टील कहाँ से आ सकता है। आम स्रोत हैं:

  • कच्चा माल। अनाज, चीनी, आटा, मसाले और पाउडर कटाई, स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट के दौरान आई कीलों, तार, स्टेपल और ज़ंग के टुकड़ों के साथ आते हैं।
  • सीव और स्क्रीन। वायर मेश टूटती है और बारीक टुकड़े गिराती है।
  • मिल, मिक्सर और पंप। ब्लेड, बेयरिंग और सील घिसते हैं और कण छोड़ते हैं।
  • कन्वेयर और एलिवेटर। बोल्ट, चेन की कड़ियाँ और बेल्ट फ़ास्टनर ढीले हो जाते हैं।
  • मेंटेनेंस। रिपेयर के बाद बुरादा, रेतन और गिरे हुए नट-बोल्ट।
  • पैकेजिंग। बोरों और डिब्बों से स्टेपल और तार।

हर स्रोत को उस स्टेज के साथ लिख लें जहाँ वह दिखता है।

स्टेप 2: तय करें कि कौन से पॉइंट क्रिटिकल हैं

क्रिटिकल कंट्रोल पॉइंट वह स्टेज है जहाँ कंट्रोल लगाकर ख़तरे को रोका जा सकता है, या सुरक्षित लेवल तक घटाया जा सकता है, और जिसके बाद कोई स्टेज उसे नहीं पकड़ेगी। मेटल के लिए आम क्रिटिकल पॉइंट हैं:

  1. इनटेक, ताकि कच्चे माल में आए ट्रैम्प आयरन से आपका अपना इक्विपमेंट बचा रहे।
  2. हर मिल, सीव या मिक्सर के बाद, ताकि उस स्टेज में बने घिसाई के कण पकड़े जाएँ।
  3. पैकिंग से पहले, तैयार प्रोडक्ट की आख़िरी जाँच के रूप में।

आख़िरी पॉइंट सबसे अहम है। जो इससे निकल गया, वह ग्राहक तक पहुँचता है।

स्टेप 3: हर पॉइंट पर कंट्रोल लगाएँ

लोहे और स्टील के लिए आम कंट्रोल मैग्नेटिक सेपरेटर है। प्रोडक्ट के फ़्लो के हिसाब से टाइप चुनें:

बंद ट्रांसफ़र लाइन के लिए SMAG का डबल ड्रॉअर हाउसिंग।
बंद ट्रांसफ़र लाइन के लिए SMAG का डबल ड्रॉअर हाउसिंग।
  • हॉपर या सीव आउटलेट से गिरते पाउडर और दानों के लिए ग्रिड और ग्रेट।
  • बंद ट्रांसफ़र लाइन और न्यूमैटिक कन्वेइंग के लिए हाउस्ड ड्रॉअर सेपरेटर।
  • पाइपलाइन में सिरप, तेल, सॉस और स्लरी के लिए लिक्विड ट्रैप।
  • बेल्ट पर और डक्ट में प्रोडक्ट की मोटी परत के लिए प्लेट और शूट मैग्नेट।

आख़िरी पॉइंट पर जितनी ज़्यादा स्ट्रेंथ व्यावहारिक हो, उतनी लें। SMAG रॉड 13,500 गॉस तक बनते हैं, और इस स्ट्रेंथ पर वे आम लोहे के साथ बारीक कण और वर्क हार्डन्ड स्टेनलेस स्टील भी पकड़ते हैं।

जिन मेटल को मैग्नेट नहीं पकड़ सकता, जैसे एल्युमिनियम और कॉपर, उनके लिए उसी पॉइंट पर मेटल डिटेक्टर या सीव लगाएँ।

स्टेप 4: लिमिट और जाँच तय करें

हर क्रिटिकल कंट्रोल पॉइंट के लिए एक लिमिट और उसे जाँचने का तरीक़ा चाहिए। मैग्नेटिक सेपरेटर के लिए जाँच ये हैं:

  • स्ट्रेंथ। गॉस मीटर से सरफ़ेस फ़ील्ड नापें और यूनिट के साथ मिले टेस्टेड सर्टिफ़िकेट से मिलाएँ। यह साल में कम से कम एक बार करें, और किसी भी चोट या ज़्यादा गरम होने के बाद भी।
  • सफ़ाई। रॉड को तय शेड्यूल पर साफ़ करें। जमा हुए लोहे से ढका रॉड नए कणों को कमज़ोर पकड़ता है। हर बार जो मिले, उसे लिखें।
  • हालत। ट्यूब में दरार या घिसाई, ख़राब सील और ढीली फ़िटिंग देखें।

शेड्यूल को HACCP प्लान में लिखें, और रिकॉर्ड उसी के साथ रखें।

स्टेप 5: रिकॉर्ड रखें और रिव्यू करें

ऑडिटर तीन चीज़ें देखना चाहते हैं। कि आपको पता है मेटल कहाँ से आ सकता है। कि हर पॉइंट पर आपका कंट्रोल लगा है। और कि आप कंट्रोल को जाँचते हैं और नतीजे पर कार्रवाई करते हैं।

हर सेपरेटर का मैग्नेटिक स्ट्रेंथ का सर्टिफ़िकेट, सफ़ाई का लॉग और गॉस मीटर की रीडिंग एक साथ रखें। जब लाइन बदले, जब कोई नया मटीरियल आए, और मेटल की किसी भी शिकायत के बाद प्लान का रिव्यू करें।

SMAG रेंज

Santosh Magnetic Works फ़ूड लाइन के लिए ग्रिड, ड्रॉअर हाउसिंग, लिक्विड ट्रैप, प्लेट और शूट मैग्नेट बनाता है, 304 स्टेनलेस स्टील में और हर यूनिट के लिए मैग्नेटिक स्ट्रेंथ के टेस्टेड सर्टिफ़िकेट के साथ। हाउस्ड ईज़ी क्लीन ग्रिड सेपरेटर और पूरी सेपरेशन रेंज देखें, या लाइन की ड्रॉइंग के साथ संपर्क करें, हम उस पर कंट्रोल पॉइंट मार्क कर देंगे।