क्या सभी मेटल मैग्नेटिक होते हैं?

सिर्फ़ कुछ ही मेटल मैग्नेट की ओर खिंचते हैं। इनमें मुख्य है लोहा। एल्युमिनियम, कॉपर, पीतल और लेड जैसे ज़्यादातर दूसरे मेटल को मैग्नेट नहीं पकड़ता।

इस गाइड में बताया गया है कि कौन से मेटल मैग्नेटिक होते हैं, क्यों होते हैं, और प्रोडक्ट लाइन को बचाने के लिए मैग्नेट लगाते समय इसका क्या मतलब है।

वे मेटल जिन्हें मैग्नेट पकड़ता है

तीन आम मेटल ज़ोरदार मैग्नेटिक होते हैं:

  • लोहा, और हर वह स्टील जो मुख्य रूप से लोहे से बना हो
  • निकल
  • कोबाल्ट

इन्हें फ़ेरोमैग्नेटिक मेटल कहते हैं। मैग्नेट इन्हें असली ताक़त से खींचता है। स्टील का बोल्ट, कील, बुरादे का टुकड़ा और मशीन का टूटा पार्ट, ये सब आसानी से पकड़ में आ जाते हैं।

गैडोलिनियम जैसे कुछ दुर्लभ मेटल भी मैग्नेटिक होते हैं। फ़ैक्ट्री में ये कम ही मिलते हैं और आपका इनसे शायद ही कभी सामना होगा।

वे मेटल जिन्हें मैग्नेट नहीं पकड़ता

ज़्यादातर मेटल मैग्नेट की ओर किसी काम लायक़ ढंग से नहीं खिंचते। आम उदाहरण हैं:

  • एल्युमिनियम
  • कॉपर
  • पीतल और ब्रॉन्ज़
  • लेड
  • ज़िंक
  • सोना और चाँदी
  • टाइटेनियम

मैग्नेट इन पर कोई काम का खिंचाव नहीं डालता। मैग्नेटिक सेपरेटर इन्हें प्रोडक्ट में ही छोड़ देगा। अगर आपकी लाइन पर इन मेटल का ख़तरा है, तो अकेला मैग्नेट इन्हें नहीं निकाल पाएगा।

कुछ मेटल मैग्नेटिक क्यों होते हैं

हर एटम एक बहुत छोटे मैग्नेट की तरह काम करता है। ज़्यादातर मटीरियल में ये छोटे मैग्नेट अलग-अलग दिशाओं में होते हैं, इसलिए एक-दूसरे का असर ख़त्म कर देते हैं। लोहा, निकल और कोबाल्ट में एटम छोटे-छोटे समूहों में एक लाइन में आ जाते हैं, जिन्हें डोमेन कहते हैं। जब मैग्नेट पास आता है, तो डोमेन एक ही दिशा में घूम जाते हैं और मेटल मैग्नेट की ओर खिंच जाता है।

खिंचाव कितना होगा, यह तीन बातों पर निर्भर करता है: मेटल में कितना लोहा है, मेटल कैसे बना है, और उसका आकार क्या है। पतला, नुकीला टुकड़ा उसी वज़न के ठोस ब्लॉक से कम खिंचता है।

स्टेनलेस स्टील का मामला अलग है

स्टेनलेस स्टील ज़्यादातर लोहे से बनता है, इसलिए बहुत से लोग मानते हैं कि हर स्टेनलेस स्टील मैग्नेटिक होगा। कुछ ग्रेड होते हैं, कुछ नहीं। ग्रेड 304 और 316, जो फ़ूड और केमिकल प्लांट में आम हैं, सिर्फ़ हल्के मैग्नेटिक होते हैं। 430 जैसे ग्रेड ज़ोरदार मैग्नेटिक होते हैं। पूरी जानकारी के लिए हमारी गाइड क्या सभी स्टेनलेस स्टील मैग्नेटिक होते हैं? देखें।

वर्क हार्डनिंग से यह बदल जाता है। जब 304 स्टेनलेस के पार्ट को काटा, मोड़ा या ग्राइंड किया जाता है, तो उस हिस्से में हल्का मैग्नेटिज़्म आ जाता है। हाई स्ट्रेंथ सेपरेटर स्टेनलेस इक्विपमेंट की घिसाई से निकले ज़्यादातर बारीक स्टेनलेस कणों को फिर भी पकड़ लेता है।

प्रोडक्शन लाइन पर इसका मतलब

फ़ैक्ट्री में ज़्यादातर मेटल कंटैमिनेशन लोहे या स्टील का होता है। यह घिसे हुए मशीन पार्ट, स्क्रीन, बोल्ट, टूल और ख़ुद कच्चे माल से आता है। मैग्नेटिक सेपरेटर इसे कम ख़र्च में निकाल देता है, बिना बिजली के और बहुत कम मेंटेनेंस के साथ।

सील्ड स्टेनलेस स्टील ट्यूब में SMAG का नियोडिमियम सेपरेटर रॉड।
सील्ड स्टेनलेस स्टील ट्यूब में SMAG का नियोडिमियम सेपरेटर रॉड।

मैग्नेट की स्ट्रेंथ तय करती है कि वह कितने छोटे कण को पकड़ सकता है। 7,000 से 8,000 गॉस के स्टैंडर्ड रॉड आम ट्रैम्प आयरन निकालते हैं। 9,500 गॉस और उससे ऊपर के हाई स्ट्रेंथ रॉड बारीक कण और हल्का मैग्नेटिक स्टेनलेस स्टील पकड़ते हैं।

एल्युमिनियम, कॉपर और पीतल के लिए कोई दूसरा तरीक़ा चाहिए, जैसे मेटल डिटेक्टर या सीव।

SMAG रेंज

Santosh Magnetic Works 13,500 गॉस तक की स्ट्रेंथ में मैग्नेटिक रॉड, ग्रिड, ड्रॉअर हाउसिंग, लिक्विड ट्रैप और प्लेट मैग्नेट बनाता है। हर यूनिट के साथ मैग्नेटिक स्ट्रेंथ का टेस्टेड सर्टिफ़िकेट दिया जाता है। पूरी मैग्नेटिक सेपरेशन रेंज देखें, या अपने कंटैमिनेशन का सैंपल लेकर संपर्क करें, हम सही स्ट्रेंथ का सुझाव देंगे।